आधासीसी दर्द के कारण, लक्षण व उपचार

आधासीसी दर्द के कारण लक्षण व उपचार

इससे पिछले ब्लॉग में हमने आपको सिर दर्द के बारे में बताया था लेकिन आप सभी को पता होगा कि कोई भी बीमारी एक प्रकार की नहीं होती है हर बीमारी से जुड़ी कोई ना कोई दूसरी बीमारी जरूर होती है तो इसी तरह से सिर दर्द के साथ भी कई प्रकार की अन्य बीमारियां जुड़ी हुई है और इसी में से आधासीसी का दर्द भी एक ऐसी समस्या है जो कि सिर दर्द के साथ जुड़ी हुई है इस स्थिति में भी रोगी का सिर तेजी से दर्द करता है लेकिन यह सिर दर्द के मुकाबले में ज्यादा खतरनाक होता है और यह दर्द सिर के दर्द से बिल्कुल अलग होता है तो आज किस ब्लॉग में हम आधासीसी के खतरनाक दर्द के कारण लक्षण व इसके उपचार आदि के बारे में बताएंगे

आधासीसी का दर्द

आधासीसी के दर्द को कई प्रकार के अलग-अलग नामों के साथ जाना जाता है इंग्लिश में इसको माइग्रेन और हिंदी में आधासीसी या सूर्यावर्त्त आधासीसी के नाम से जाना जाता है इस समस्या के उत्पन्न होने पर रोगी के आधे सिर में बहुत तेज दर्द होने लगता है और यह दर्द इतना तेज होता है कि रोगी को सहन करना बहुत मुश्किल हो जाता है यह दर्द आधे सिर के साथ-साथ गर्दन के निचले हिस्से तक जा सकता है और यह रोग 15 से 20 वर्ष की नव युवतियों में ज्यादा होता है

इससे रोगी को 15 दिन या 1 महीने के अंतराल पर बार-बार दर्द होने लगता है लेकिन कई लोग इस दर्द को सिर दर्द समझ लेते हैं और इसकी तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देते लेकिन यह रोग सिर के दर्द से बिल्कुल अलग होता है और इस दर्द को हल्के में लेना आपके लिए महंगा पड़ सकता है यह दर्द 1 मिनट में इतना खतरनाक रूप ले लेता है कि रोगी को कुछ भी समझ में नहीं आता यह और यह दर्द रोगी को कुछ मिनटों से लेकर कई घंटों तक भी रह सकता है

आधासीसी दर्द के कारण

आधासीसी दर्द होने के कई मुख्य कारण होते हैं जैसे ज्यादा एलोपैथिक दवाओं व औषधियों का सेवन करना, ड्रग्स व नशीली वस्तुओं का सेवन करना, अचानक मौसम में बदलाव आना, किसी ठंडी जगह से गर्म या गर्म जगह से ठंडी जगह पर जाना, गर्म या ठंडी चीज का सेवन करना, ज्यादा तले भुने हुए भोजन का सेवन करना, गर्म भोजन करने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीना, ज्यादा मानसिक तनाव व मानसिक बोझ रखना, रोगी को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होना, रोगी का शराब तंबाकू बीड़ी सिगरेट पान गुटखा का सेवन करना,

रोगी के शरीर में कमजोरी आना, रोगी को खून की कमी होना, रोगी के सिर पर गहरी चोट लगना, रोगी का ज्यादा तेज ध्वनि वाले क्षेत्र में काम करना, रोगी का ज्यादा भार उठाना, महिलाओं में मासिक धर्म से जुड़ी हुई समस्या होना, रोगी का पूरा दिन भागदौड़ करना, नींद पूरी न करना, ज्यादा गुस्सा व झगड़ा करना, रोगी को किसी बात या घटना का डर होना, इसके अलावा भुखमरी, कुपोषण, बेरोजगारी, पढ़ाई लिखाई का बोझ,बच्चों की परवरिश और पति पत्नी में अनबन आदि इस समस्या के मुख्य कारण होते हैं

आधासीसी दर्द के लक्षण

अगर आधासीसी दर्द के लक्षणों के बारे में बात की जाए तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि इस समस्या के उत्पन्न होने पर सिर्फ रोगी के आधे सिर में दर्द होता है बल्कि इसके अलावा भी इस समस्या में आपको कई और लक्षण देखने को मिल सकते हैं जैसे रोगी की आंख में तेज दर्द होना, रोगी को धुंधला दिखाई देना, रोगी के आधे बदन में दर्द होना, रोगी के हाथ, गर्दन, कान व नाक आदि में दर्द होना, रोगी को कमजोरी महसूस होना,

रोगी को भूख प्यास ना लगना, रोगी को बेचैनी घबराहट थकान होना, रोगी को उल्टी आना, रोगी का किसी काम में मन न लगना, रोगी को बार-बार तेज पसीना आना, रोगी का दर्द एकदम से तेज होना व एकदम से रुक जाना, रोगी को घुटन महसूस होना, रोगी को दर्द होने पर एक जगह पर बैठने या लेटने का मन करना,रोगी का दर्द दवाई से भी बंद होना, रोगी को किसी खास आवाज़ से परेशानी होना, रोगी को बार-बार गुस्सा आना आदि इस समस्या के लक्षण होते हैं

क्या करें

  • रोगी को हर रोज खुली हवा में घूमना चाहिए
  • रोगी को हर रोज सुबह सुबह प्राणायाम व व्यायाम आदि करने चाहिए
  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा फल व सब्जियों का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को अकेले वह हवादार कमरे में रहना चाहिए
  • रोगी को हर रोज सुबह मल मूत्र को त्याग देना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा जूस आदि का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को दही चावल और मिश्री का सेवन करना चाहिए यह आपके मन को शांत करता है
  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां जैसे गाजर मूली पालक आदि का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को हर रोज सुबह सुबह खाली पेट एक सेब का सेवन करना चाहिए

क्या न करें

  • रोगी को ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को तले हुए भोजन से परहेज करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा शराब व नशीली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को बीड़ी सिगरेट तंबाकू व उत्तेजक पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को अपने शरीर में कब्ज की समस्या उत्पन्न नहीं होने देनी चाहिए
  • रोगी को पनीर व पनीरसे बनी चीजें नहीं खानी चाहिए
  • रोगी को केला खट्टे पदार्थ व खट्टे फल आदि का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को अखरोट मूंगफली काजू बादाम आदि के सेवन से परहेज करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा मानसिक तनाव नहीं रखना चाहिए
  • रोगी को अपने सिर पर ज्यादा वजन नहीं उठाना चाहिए

उपचार

  • रोगी को हर रोज सुबह सुबह एक गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए
  • रोगी को जिस जगह दर्द है वहां पर हल्के गर्म तेल से मालिश करनी चाहिए
  • रोगी को ज्यादा से ज्यादा कच्चे फल व पानीदार फलों का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को मानसिक तनाव से छुटकारा पाने के लिए हंसी मजाक वाले जोक्स व हंसी मजाक वाली मूवी आदि देखनी चाहिए
  • रोगी को दर्द होने पर लेट जाना चाहिए वह अपने सिर को नीचे की तरफ झुकाना चाहिए
  • रोगी की नाक में सरसों की तेल की दो बूंदे डालनी चाहिए और लंबी सांस लेनी चाहिए
  • रोगी को नींबू के छिलके को सुखा कर पेस्ट बनाकर अपने सिर पर लगाना चाहिए
  • रोगी को तुलसी के पत्तों के रस को शहद के साथ मिलाकर हर रोज सुबह सुबह लेना चाहिए

लेकिन फिर भी अगर किसी को आधासीसी का खतरनाक दर्द होने लगता है तो उसको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और अपने टेस्ट आदि करवा कर दवाइयां लेनी चाहिए क्योंकि यह एक खतरनाक रोग है यह रोगी को बिल्कुल असहनीय दर्द देता है

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