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काली खांसी के कारण लक्षण बचाव व उपचार

काली खांसी के कारण लक्षण बचाव व उपचार

वैसे तो हमारी शरीर में बहुत सारी अनेक प्रकार की अलग-अलग बीमारियां होती रहती है जिनको हम उपचार के जरिए आसानी से ठीक भी कर पाते हैं लेकिन जब हमे श्वसन तंत्र से जुड़ी हुई कोई भी बीमारी हो जाती है तब हमें तुमसे ज्यादा परेशानी होती है क्योंकि हमारे शरीर के लिए आक्सीजन बहुत ही जरूरी है अगर हमारे शरीर को सही मात्रा में आक्सीजन नहीं मिलती

तब हमें बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और श्वसन तंत्र से जुड़ी हुई बहुत सारी बीमारियां होती है इन्हीं में से काली खांसी भी एक ऐसी बीमारी है जो कि हमारे श्वसन तंत्र से जुड़ी हुई है तो इस ब्लॉग में हम काली खांसी के कारण लक्षण व इसके उपचार आदि के बारे में बात करेंगे

काली खांसी

काली खांसी हमारे स्वसन तंत्र से जुड़ी हुई एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जो कि एक बार होने पर रोगी को बहुत सारी परेशानियां दे सकती है इस खांसी को कुकुर खांसी के नाम से भी जाना जाता है काली खांसी एक संक्रामक बीमारी है जो कि एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में आसानी से फैल सकती है रोगी को काली खांसी होने पर उसके स्वसन तंत्र में संक्रमण हो जाता है और लंबे समय तक यह खासी रहने पर रोगी को कई अन्य बीमारियां भी हो सकती है

काली खांसी होने पर रोगी को खांसी के साथ बलगम आने लगता है और कई बार इस बलगम में खून भी आ सकता है इस रोग से रोगी के शरीर से साँस लेने पर आवाज सुनाई देने लगती है यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है वैसे तो इस समस्या के शुरुआती दौर में आसानी से नियंत्रण में किया जा सकता है लेकिन अगर किसी इंसान को यह लंबे समय तक रह जाती है तब इससे छुटकारा पाना बहुत मुश्किल हो जाता है और यह खांसी ज्यादातर कमजोर इम्यून सिस्टम वाले इंसानों को होती है यह खासी रोगी को दौरे के रूप में उठती है जिससे रोगी को सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है

काली खांसी के कारण

अगर इस समस्या के अगर इस रोग के कारणों के बारे में बात की जाए तो इस समस्या के होने के पीछे इस बीमारी का नामक हीमोफीलस पटुंसिस जीवाणु होता है जो कि किसी संक्रमित व्यक्ति के खुले स्थान में ठुकने, खांसने, छींकने व बलगम फेंकने से निकलता है और फिर यह जीवाणु किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में सांस के द्वारा प्रवेश कर जाता है इसी से स्वस्थ व्यक्ति इस रोग की चपेट में आ जाता है

इसके अलावा किसी संक्रमित व्यक्ति के आसपास रहना, संक्रमित व्यक्ति की झूठी चीजों का सेवन करना, संक्रमित व्यक्ति के कपड़े व बिस्तर का इस्तेमाल करना, संक्रमित व्यक्ति के बर्तनों में खाना खाना या पानी पीना, संक्रमित व्यक्ति के सामने बैठना आदि इस समस्या के कई कारण होते हैं जिससे यह रोग आपको आसानी से हो सकता है

काली खांसी के लक्षण

अगर काली खांसी के लक्षणों के बारे में बात की जाए तो शुरुआती समय में तो इस रोग के ज्यादा लक्षण दिखाई नहीं देते लेकिन कुछ समय बाद इस समस्या के लक्षण जरूर दिखाई देने लगते हैं जैसे रोगी को तेज व हल्का बुखार होना, रोगी की नाक से पानी बहना, रोगी को बार बार छींक आना, रोगी को सांस लेने में कठिनाई होना,रोगी को खांसते समय बलगम आना, रोगी की बलगम की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ना,

रोगी के साथ लेने पर घरघराहट की आवाज आना, रोगी की नाक की नली बंद होना, रोगी को बार-बार खांसी का दौरा पड़ना, रोगी के शरीर का रंग नीला पढ़ना, रोगी को सांस लेने में नाक में जलन होना, रोगी को उल्टी, घबराहट, बेचैनी आदि होना, रोगी की धड़कन बढ़ना, रोगी की सांस फूलना समस्या के बहुत सारे लक्षण होते हैं और इसके अलावा भी इस समस्या के और कई लक्षण देखने को मिल सकते हैं

क्या करें

  • रोगी को हल्का गर्म पानी पीना चाहिए
  • रोगी को गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करने चाहिए
  • रोगी को सुबह-सुबह हल्के-फुल्के व्यायाम करने चाहिए
  • रोगी को अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने वाली चीजों का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को शांत वह खुले हवादार कमरे में रहना चाहिए
  • रोगी को अपने आसपास की साफ सफाई रखनी चाहिए व धुएँ आदि से बच कर रहना चाहिए
  • रोगी को हमेशा हल्का व सुपाच्य भोजन करना चाहिए
  • रोगी को तली हुई चीजों से परहेज करना चाहिए
  • रोगी को बाहर जाते समय मास्क का उपयोग करना चाहिए

क्या न करें

  • रोगी को घी व घी से बने हुए पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को बीड़ी सिगरेट वह शराब गुटखा पान आदि का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा कठोर भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को संक्रमित व्यक्ति के आसपास नहीं रहना चाहिए
  • रोगी को बिना मास्क लगाए बाहर नहीं जाना चाहिए
  • रोगी को धूल भरी आंधी व धुएँ आदि से बच कर रहना चाहिए

उपचार

  • रोगी को हर रोज तुलसी के पत्तों को पानी में उबालकर पीना चाहिए या तुलसी के पत्तों का रस अदरक के रस में मिलाकर शहद के साथ खाना चाहिए
  • रोगी को एक चम्मच अदरक के रस के साथ शहद मिलाकर खाने से सूखी खांसी में तुरंत राहत मिलती है
  • रोगी को अदरक के उबले हुए पानी को शहद मिलाकर पीना चाहिए यह आपके लिए बहुत फायदेमंद होता है
  • रोगी को हर रोज सुबह शाम गर्म पानी के एक गिलास में एक चम्मच नमक डालकर गरारे करने चाहिए
  • रोगी को आधा चम्मच शहद और आधा चम्मच प्याज के रस को मिलाकर खाना चाहिए
  • रोगी को सूखे हुए अनार के छिलकों को मुंह में दबाकर सूचना चाहिए
  • रोगी को एक मुट्ठी सरसों की बीज को पानी में उबालकर पानी को पीना चाहिए
  • रोगी को हर रोज एक गिलास दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पीना चाहिए इससे आपकी खांसी में राहत मिलती है
  • रोगी को हर रोज सुबह-शाम खाली पेट गिलोय के रस को पीना चाहिए यह आपकी पुरानी से पुरानी खांसी को आसानी से ठीक कर सकता है

लेकिन फिर भी अगर किसी इंसान को काली खांसी की समस्या हो जाती है तब उसको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और अपने टेस्ट आदि करवा कर नियमित रूप से दवाइयां लेनी चाहिए क्योंकि यह एक खतरनाक बीमारी है यह आपको आसानी से नहीं छोड़ती इसलिए इस समस्या के होने पर देरी नहीं करनी चाहिए

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