खांसी के लक्षण कारण व आयुर्वेदिक उपचार

खांसी के लक्षण कारण व आयुर्वेदिक उपचार

वैसे तो आज के समय में अनेक बीमारियां फैली हुई है लेकिन कुछ बीमारियां ऐसी होती है जिनका हम नाम भी नहीं जानते और यह बीमारियां उत्पन्न होने पर इनके लक्षण व उपचार के बारे में हमें इतनी जानकारी नहीं होती जिनसे हमें ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन हमारे आस-पास कई ऐसी आम बीमारियां होती है जो कि हमारे परिवार में ही किसी ना किसी को होती रहती है और यह बीमारियां कुछ दिन में ही अपने आप ठीक हो जाती हैं या इनकी दवाइयां आदि लेने से यह आराम से ठीक हो सकती है.

लेकिन कई बार हम इन बीमारियों को छोटा समझ कर इनके ऊपर इतना ज्यादा ध्यान नहीं देते और बाद में यह बीमारियां आगे चलकर दूसरी बीमारियों का कारण बन जाती है इसी तरह से खांसी भी एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जो कि शुरू शुरू में तो हमें इतनी ज्यादा कठिनाई नहीं देती लेकिन बाद में यह कई और बीमारियों का भी कारण बन सकती है तो आज किस ब्लॉक में हम खांसी के उपचार इसके लक्षण और इसके कारण आदि के बारे में बात करने वाले हैं.

खांसी क्या होती है

अगर खांसी के बारे में विस्तार से बात की जाए तो इसके बारे में वैसे तो लगभग छोटे से लेकर बड़ा सभी इंसान जानते हैं जब किसी इंसान के श्वसन संस्थान कोई इंफेक्शन या कोई अन्य रोग उत्पन्न हो जाता है तब उसी के कारण खांसी उत्पन्न होने लगती है और खांसी कोई खुद एक अलग रोग नहीं है बल्कि यह किसी दूसरी समस्या के कारण उत्पन्न होने वाला रोग है और यह आजकल के समय में स्वसन तंत्र में पाए जाने वाला मुख्य रोग है वैसे खांसी के अलग-अलग 8 प्रकार होते हैं जिन को अलग-अलग भागों में बांटा गया है लेकिन मुख्य रूप से खांसी दो प्रकार की होती है जिसमें तरल या गीली खांसी और सूखी खांसी यह दोनों ही खांसी अलग-अलग प्रकार की होती है लेकिन यह दोनों ही खांसी रोगी को बहुत परेशान करती है.

गीली खांसी – अगर गीली खांसी के बारे में बात की जाए तो यह खांसी रोगी के शरीर में दमा रोग उत्पन्न होने पर ज्यादा होती है जिससे रोगी के शरीर से खांसी के साथ बलगम निकलता है और कई बार खांसी का भयानक रूप लेने से रोगी के बलगम के साथ खून भी आ सकता है लेकिन इस खासी में रोगी के बलगम निकलते ही रोगी को आराम मिल जाता है

सूखी खांसी – सूखी खांसी गीली खांसी के मुकाबले में ज्यादा खतरनाक होती है क्योंकि इस खांसी के साथ बलगम नहीं निकलता जिससे रोगी को खांसी में ज्यादा आसानी से आराम नहीं मिलता एक बार खांसी उठने पर यह कई देर तक चलती है और इससे रोगी को सांस लेने में भी बहुत ज्यादा तकलीफ होने लगती है

खांसी के कारण

अगर खांसी उत्पन्न होने के कारणों के बारे में बात की जाए तो वैसे तो इस समस्या के उत्पन्न होने के पीछे श्वसन संस्थान में किसी दूसरे रोग या इंफेक्शन के होने से ही उत्पन्न होता है लेकिन कई बार यह रोग हमारे अलग प्रकार के रोगों में बिना सावधानियां रखने या अलग तरह के भोजन करने से भी उत्पन्न हो सकती है इसके अलावा इसके उत्पन्न होने में वायरल संक्रमण का हाथ होना, सर्दी या फ्लू के कारण उत्पन्न होना, ज्यादा धूल प्रदूषण वाली जगह पर काम करना, अधिक समय तक धूम्रपान करना, टीबी या दमा रोग होना, सर्दी या जुखाम होने पर तली हुई चीजों का सेवन करना, गर्म या ठंडा खाते ही तुरंत पानी पीना, पत्थर या चट्टानों आदि में काम करना, फेफड़ों में कैंसर होना, सर्दी लगना आदि कई कारण होते हैं

खांसी के लक्षण

अगर खांसी के लक्षणों के बारे में बात की जाए तो आप इस समस्या के लक्षणों के बारे में तो जानते ही होंगे जब किसी को खांसी हो जाती है तब उसको बार-बार खांसना पड़ता है लेकिन इसके अलावा भी इस समस्या के कई कान होते हैं जैसे नाक से बार-बार पानी आना, हल्का बुखार में सिर दर्द रहना, साइनस में दर्द होना, शरीर में जकड़न व थकावट रहनाशरीर में हल्का दर्द रहना व ठंड लगना, रोगी की खांसी के साथ बलगम आना या बिल्कुल सूखी खांसी आना जिससे कई देर तक राहत ने मिले खांसते-खांसते रोगी को उल्टी करना या उल्टी करने की इच्छा होना,धूल भरे इलाके में जाने से खांसी और तेज होना रात को सोते समय एकदम खांसी उठना आदि इस पर इस समस्या के कई लक्षण होते हैं लेकिन इस समस्या के शुरू शुरू में इतनी ज्यादा लक्षण भी दिखाई नहीं देते

खांसी से होने वाली परेशानी

जैसा कि आप सभी जानते हैं जब भी किसी इंसान के शरीर में कोई रोग हो जाता है तब उससे रोगी को कुछ ना कुछ परेशानी जरूर होती है तो इसी तरह से खांसी रोग उत्पन्न होने पर भी रोगी को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे

  • रोगी को सांस लेने में तकलीफ होना
  • रोगी को सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आना
  • रोगी को बार-बार खांसना जिससे निकलने वाला बलगम बाहर फेंकना
  • रात को सोते समय गहरी नींद में एकदम खासी उठना
  • खांसी उठते ही कई देर तक राहत न मिलने से सिर गले और छाती में दर्द होना
  • रोगी के धूल वाले इलाके में जाते ही खासी उठ जाना
  • खांसी के साथ ही रोगी को टीबी,दमा की समस्या उत्पन्न होना

खांसी से बचाव

  • रोगी को हल्की खांसी होते ही धूल भरे इलाके में जाने से बचना चाहिए
  • रोगी को बुखार जुखाम जैसे रोग होने पर तली बनी हुई चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को खांसी होते ही सूखी रोटी का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को खाना खाते ही ठंडे पानी का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को एकदम गर्मी से आने पर बर्फ आइसक्रीम कोल्ड ड्रिंक आदि का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को दूध घी और मिठाइयों आदि का सेवन नहीं करना चाहिए

उपचार

अगर आपको खांसी के शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं तब आप इसको घरेलू उपायों से नियंत्रण में कर सकते हैं जैसे

  • रोगी को तुलसी की पत्तियों को उबालकर काढ़ा बनाकर पीना चाहिए या रोगी को तुलसी के पत्तों का रस अदरक के रस को शहद के साथ मिलाकर खाना चाहिए
  • सूखी खांसी होने पर रोगी को एक चम्मच अदरक के रस को शहद के साथ मिलाकर चाटना चाहिए इससे आपको तुरंत राहत मिलती है
  • रोगी को अदरक के पानी को अच्छी तरह उबालकर काढ़ा बनाकर दो चम्मच शहद के साथ लेना चाहिए
  • रोगी को हर रोज एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच नमक डालकर गरारे करने चाहिए
  • रोगी को हर रोज एक चम्मच शहद और आधा चम्मच प्याज के रस को दिन में दो से तीन बार लेना चाहिए
  • रोगी को हर रोज सुबह सुबह खाली पेट गिलोय के रस का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को सूखे हुए अनार के छिलकों को मुंह में डालकर चुसना चाहिए
  • रोगी को अनार के रस को गर्म करके पीना चाहिए

लेकिन फिर भी अगर आपको लंबे समय तक खांसी रह जाती है तो आपको तुरंत डॉक्टर से टेस्ट आदि करवा की दवाइयां लेनी चाहिए ज्यादा लंबे समय तक खांसी रहने पर आपको कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है या आप कुछ आयुर्वेदिक औषधियों व दवाइयों का भी इस्तेमाल करके इस रोग से छुटकारा पा सकते हैं. आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार इस्तेमाल करें. खांसी की दवा पतंजलि खांसी में रामबाण बैद्यनाथ खांसी की दवा खांसी की टेबलेट सूखी खांसी में क्या नहीं खाना चाहिए सूखी खांसी के लिए सिरप खांसी सिरप नाम रात में खांसी आने का कारण

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