हिस्टीरिया रोग क्या है इसके कारण, लक्षण व उपचार

हिस्टीरिया रोग क्या है इसके कारण, लक्षण व उपचार

इससे पिछले ब्लॉग में हमने आपको मानसिक रूप के बारे में बताया था जो कि एक खतरनाक बीमारी है और यह बीमारी पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ती जा रही हैं और यह रोग कई प्रकार का होता है तो इसी से जुड़ा हुआ एक रोग है जिसका नाम हिस्टीरिया है यह बीमारी भी एक खतरनाक बीमारी है इससे रोगी के शरीर के ऊपर के जितने ज्यादा लक्षण दिखाई नहीं देते लेकिन इससे भी रोगी मानसिक रूप से बीमार हो जाता है तो आज किस ब्लॉग में हम हिस्टीरिया रोग के कारण लक्षण व इसके उपचार आदि के बारे में बताएंगे

हिस्टीरिया रोग क्या है

सबसे पहले यह जान आपके लिए बहुत ही जरूरी है कि आखिरकार हिस्टीरिया रोग क्या होता है क्योंकि इस बीमारी को लेकर लोगों के मन में अलग-अलग विचार है लेकिन हिस्टीरिया रोग एक ऐसा मानसिक रोग है जिससे रोगी के दिमाग में अलग-अलग प्रकार के भ्रम उत्पन्न होने लगते हैं जिससे उसको दिखाई देना बंद हो जाएगा उसको बेहोशी महसूस होगी और उसके हाथ पैर काम करने बंद कर देते हैं और यह एक ऐसा रोग है जो कि दौरे के रूप में पड़ता है हालांकि कई लोग इस रूप को मिर्गी रोग भी समझ लेते हैं लेकिन यह रोग मिर्गी रोग बिल्कुल भी नही है हालांकि इस रोग का दौरा भी मिर्गी के दौरे से जैसे ही पड़ता है लेकिन यह रोग उससे बिल्कुल अलग रोग है इस समस्या के उत्पन्न होने पर रोगी के दिमाग में जो भी भ्र्म या विचार चल रहे होते हैं वैसे ही रोगी करने लगता है मान लीजिए किसी रोगी के दिमाग में किसी को मारने का भ्र्म चल रहा है तो वह रोगी किसी चीजें सामने वाले को मारने लगेगा

हिस्टीरिया रोग के कारण

ज्यादातर लोगों में हिस्टीरिया रोग उत्पन्न होने के पीछे उन्हें कारणों को माना जाता है जो कि मानसिक रोग उत्पन्न करते हैं लेकिन इसमें कुछ अलग कारण भी हो सकते हैं जैसे इसका सबसे मुख्य कारण रोगी का सेक्स की फीलिंग को दबाना इसके अलावा रोगी को किसी घटना या दुर्घटना के कारण गहरा सदमा लगना, रोगी के शरीर में कोई ऐसी बीमारी उत्पन्न होना, जिसके बारे में वह बार-बार सोचता हो रोगी के दिमाग पर गहरी चोट लगना,

रोगी को तनाव और चिंता रखना, रोगी का ज्यादा समय तक एक जगह पर बैठे बैठे काम करना, रोगी का ज्यादा समय तक अकेले रहना, रोगी का ज्यादा शराब व नशीली चीजों का सेवन करना, रोगी का ज्यादा उत्तेजक पदार्थों का सेवन करना, रोगी का घुटन वाली जगह पर रहना, रोगी की पत्नी के साथ अनबन होना, लड़ाई झगड़ा, गृह क्लेश और बेरोजगारी। भुखमरी कुपोषण, कमजोरी, थकान, आलस, काम का बोझ आदि भी इसी समस्या का कारण होते हैं

हिस्टीरिया रोग के लक्षण

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया जब किसी इंसान में हिस्टीरिया रोग की समस्या उत्पन्न होती है तब यह एक दौरे के रूप में उठता है जिससे रोगी अचानक हंसने लगता है या रोगी अचानक जोर से चिल्लाने या रोने लगता है इसके अलावा रोगी को अचानक गुदगुदी होने लगती है रोगी को कई ऐसी चीजों से चीड़ हो जाती है जो कि वह बिल्कुल भी नहीं देखना चाहता जैसे रोशनी या किसी चीज की तेज आवाज,

रोगी के सिर छाती, कंधे, कमर व घुटनों में दर्द होने लगता है, रोगी की मांसपेशियों में दर्द उत्पन्न होने लगता है, रोगी को कई बार लगातार लंबे समय तक हिचकियां भी आ सकती है, रोगी के हाथ पैर व शरीर के दूसरे भागों में ऐठन होने लगेगी,दौरा पड़ने पर रोगी बेहोश भी हो सकता है, रोगी के दिमाग में जो भ्रम या विचार चल रहे हैं वैसी ही प्रक्रिया रोगी करने लगता है, रोगी को चक्कर आ सकते हैं, वह रोगी अपने हाथ पैर भी हिलाने लग सकता है इसके अलावा भी इस समस्या के और कई लक्षण होते हैं

घरेलू उपचार

  • बेहोश होने पर रोगी के मुंह पर ठंडे पानी के छींटे मारने चाहिए रोगी
  • रोगी को दौरा पड़ने पर रोगी के अंगूठे के नाखूनों पर अपने नाखून से दबाना चाहिए
  • बेहोशी होने पर हींग व कटे हुए प्याज को सूघाना चाहिए
  • जामुन के मौसम में रोगी को जितना हो सके ज्यादा ही ज्यादा जामुन खिलाने चाहिए
  • रोगी को हर रोज खुली हवा में घूमना चाहिए व व्यायाम और प्राणायाम आदि करने चाहिए
  • रोगी को हर रोज कच्ची सब्जियों और फलों का सेवन करना चाहिए
  • रोगी को बिना भूख के भोजन नहीं खाना चाहिए व बाहर के खाने से परहेज करना चाहिए
  • रोगी को ताड़ासन भुजंगासन जैसे आसन करने चाहिए
  • दौरा पड़ने पर रोगी हाथ पैरों की मालिश करनी चाहिए
  • दौरा पड़ने पर रोगी को लेटा देना चाहिए
  • रोगी को तंग कपड़े नहीं पहने देने चाहिए
  • रोगी की शादी कर देनी चाहिए जिससे रोगी की दबी हुई सेक्स फीलिंग बाहर निकल जाएगी

क्या न करें

  • रोगी को अपनी सेक्स फीलिंग को दबाना नहीं चाहिए
  • रोगी को ज्यादा उत्तेजक पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा समय तक अकेले नहीं रहना चाहिए
  • रोगी को लड़ाई झगड़े और गृह क्लेश से बचना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए
  • रोगी को ज्यादा तंग कपड़े नहीं पहने चाहिए
  • रोगी को अपने आप पर विश्वास रखना चाहिए वह अपने शरीर में गंदे भ्रम उत्पन्न नहीं होने देने चाहिए
  • रोगी को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए वह चिल्लाना और गुस्सा आदि नहीं करना चाहिए
  • रोगी को इस रोग के लक्षण दिखाई देते ही तुरंत डॉक्टर से अपना इलाज शुरु करवा देना चाहिए

लेकिन फिर भी अगर किसी इन साथ में मानसिक रोग या हिस्टीरिया रोग से जुड़े कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तब उसको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और अपना इलाज करवाना चाहिए क्योंकि यह एक खतरनाक बीमारी है यह आपके शरीर में और कई बीमारियों का भी कारण बन सकती है इसलिए इस बीमारी का समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी है

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